यौमे अशुरा के कुछ ख़ास ज़रूरी अमल

0
67
Yaume Ashura Ke Kuch Khas Zaruri Amal
Yaume Ashura Ke Kuch Khas Zaruri Amal
Islamic Palace App

Yaume Ashura Ke Kuch Khas Zaruri Amal

यौमे अशुरा के कुछ ख़ास ज़रूरी अमल


शबे आशूरा की नफ्ल नमाज़ः

आशूरा की रात में चार रक्अत नफ्ल नमाज़ इस तरह पढ़िएः

हर रक्अत में अलहम्दु के बाद आयतुल कुर्सी एक बार और सूर-ए इख़लास (क़ुल हुवल्लाह) तीन-तीन बार पढ़िए

और नमाज़ के बाद 100 बार सूर-ए इख़लास पढ़िए

इंशाअल्लाह गुनाहों से पाकी हासिल होगी और जन्नत में बे-शुमार ने-मतें मिलेंगी


यौमे आशूरा का नफ्ल रोज़ाः

आशूरा के रोज़े की बहुत फज़ीलत आई है

हदीसे पाक में है कि रसूले पाक जब मदीना तशरीफ लाए तो यहूदियों को इस दिन रोज़ा रखते देखा,

पूछाः रोज़ा क्यों रखते हो? उन्हों ने कहाः

इस दिन हज़रत मूसा और उनकी क़ौम को फिरऔन से छुटकारा मिला था इसी लिए शुक्राने के तौर पर रोज़ा रखते हैं|

हज़ूर ने फरमाया हज़रत मूसा को हम तुम से ज़्यादा मानते हैं,

फिर हज़ूर ने ख़ुद भी रोज़ा रखा और उस का हुक्म भी दिया

(बुख़ारी शरीफ, 1 / 656 हदीस नः2004)


रसूले पाक ने फरमाया-

आशूरा का रोज़ा एक साल के गुनाह मिटा देता है

(मुस्लिम शरीफ, 1 / 590 हदीस नः1162)

नवीं और दसवीं दोनों दिन रोज़ा रखना चाहिए और अगर ना हो सके तो आशूरा ही के दिन रोज़ा रखिए|


यौमे आशूरा के नेक कामः

आशूरा के दिन ये काम करना मुस्तहबहैः

रोज़ा रखना

सदक़ा करना

नफ्ल नमाज़ पढना

एक हज़ार सू-रए इख़लास पढना

यतीमों के सर पर हाथ फेरना

अपने अहलो अयाल के रिज़्क़ में कुशादगी करना

ग़ुस्ल करना

सुरमा लगाना

नाख़ुन तराशना

मरीज़ों की बीमार-पुर्सी करना

दुश्मनों से मिलाप करना

दुआए आशूरा पढ़ना वग़ैरह


रसूले पाक ने फरमाया-

कि जो आशूरा के दिन बाल-बच्चों के खाने पीने में ज़्यादा कुशादगी करेगा

यानी ज़्यादा खाना तैयार करा कर ख़ूब भर पेट खिलाएगा

अल्लाह पाक साल भर तक उसके रिज़्क़ में ख़ूब ख़ैरो बरकत अता फरमाएगा|

(मा स-ब-त मिनस्सुन्नह, पेजः17)

मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,

गर होजाए यक़ीन के…..

अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है…

Read More:

अल्लाह के ज़िक्र के सिवा बोहत ज़्यादा बातें करने से बचो

जब तुम में से किसी को नमाज़ के दौरान ऊंघ या नींद आए तो वो


Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया


For More Msgs Click This Link
www.islamicpalace.in

बराये करम इस पैग़ाम को शेयर कीजिये अल्लाह आपको इसका अजरअज़ीम ज़रूर देगा
आमीन

►जज़ाकअल्लाह खैरन◄

PLEASE SHARE

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.